ट्रंप प्रशासन ने दूसरे कार्यकाल में रद्द किए 1,00,000+ वीजा
अमेरिका |अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा सत्ता संभालने के बाद से अब तक एक लाख से भी ज्यादा वीजा रद्द किए जा चुके हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। विदेश विभाग ने बताया कि यह एक साल के भीतर वीजा रद्द किए जाने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।खास बात है कि इनमें 8 हजार छात्र भी शामिल हैं। सोमवार को विदेश विभाग ने सोशल मीडिया पोस्ट किया, 'हम अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए इन बदमाशों को डिपोर्ट करना जारी रखेंगे।' आगे कहा गया, 'विदेश विभाग ने 8 हजार स्टूडेंट वीजा और 2500 स्पेशलाइज्ड वीजा समेत 1 लाख से ज्यादा वीजा वापस ले लिए हैं।'
क्यों किए रद्द
इनमें से हजारों वीजा अपराधों के कारण रद्द किए गए हैं, जिनमें मारपीट और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे मामले शामिल हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और देश की संप्रभुता को बनाए रखना है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो 20 जनवरी, 2025 को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से रद्द किए गए वीजा की संख्या जो बाइडन के शासन वाले साल 2024 की तुलना में ढाई गुना ज्यादा है।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विशेष रूप से उन छात्रों के वीजा रद्द करने पर जोर दिया है जिन्होंने इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। इसके लिए उन्होंने एक पुराने कानून का सहारा लिया है। इसके तहत अमेरिकी विदेश नीति के खिलाफ जाने वाले विदेशियों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने की अनुमति है।
H-1B वीजा पर पहले ही सख्ती
खास बात है कि 15 दिसंबर से अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने H-1B वीजा की गहन स्क्रीनिंग तेज कर दी है। इनमें H-4 वीजा भी शामिल है। खास बात है कि आवेदकों की सोशल मीडिया पोस्ट्स तक की जांच की जा रही है। ऐसे में H-1B वीजा के कई इंटरव्यू टल गए हैं। अमेरिका का विदेश मंत्रालय पहले ही कहता रहा है कि अमेरिकी वीजा सुविधा है, अधिकार नहीं है।

2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय
राहुल गांधी केस में सावरकर मुद्दा फिर गरमाया, गवाही में बड़े खुलासे
युद्ध या समझौता: मझधार में फंसे डोनाल्ड ट्रंप
भारत-इक्वाडोर संबंधों में नई मजबूती, दवा से डिजिटल तक समझौते
आज का बड़ा मुकाबला: PBKS vs GT, हेड टू हेड आंकड़े क्या कहते हैं