प्रदेश अध्यक्ष की लॉबिंग शुरू... पर दिल्ली से तय होगी बागडोर
भोपाल । अब इंदौर भाजपा अध्यक्ष के फैसले के बिना ही प्रदेश के अध्यक्ष पद के चुनाव के आसार नजर आ रहे हैं। संगठन पर्व के तहत पार्टी ने यह प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस बार पार्टी सामाजिक समीकरण को आधार बनाकर प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति करने वाली है। हालांकि ये नियुक्ति भी कई राजनीतिक समीकरणों को आधार बनाकर की जाएगी, ताकि आने वाले चुनाव में सत्ता और संगठन का तालमेल बना रहे।
प्रदेश में ओबीसी वर्ग से मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया है और सामान्य वर्ग से वीडी शर्मा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष थे। हालांकि पार्टी किसी सामान्य वर्ग के नेता को ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर रिपीट कर सकती है। इसके लिए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम आगे आ रहा है, ताकि प्रदेश के सामान्य वर्ग को साधा जा सके। हालांकि इसके उलट कुछ नेता चाहते हैं कि प्रदेश में अब अजा या अजजा को महत्व मिलना चाहिए। इनका एक बड़ा वोट बैंक भी है, जो पार्टी से दूर रहता है। इसी चक्कर में पार्टी को अजा और अजजा वर्ग से ज्यादा वोट नहीं मिल पाते हैं। हालांकि बीच में सांसद सुमेरसिंह सोलंकी का नाम भी तेजी से उभरा था, जब वीडी को केंद्र में ले जाने की बात उभरी थी। वे भी सशक्त दावेदार के रूप में उभरे थे। अब एक बार फिर उनका नाम चल रहा है। मंडला से सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते का नाम भी दौड़ में है। वे भी आदिवासियों के एक बड़े नेता हैं। मध्यप्रदेश में चुनाव प्रभारी बनाए गए धर्मेंद्र प्रधान जल्द ही भोपाल आकर बैठक लेने वाले हैं। उसके बाद विधिवत निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उसके बाद दिल्ली से अगले माह अध्यक्ष के नाम घोषित कर दिए जाएंगे।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (1 अप्रैल 2026 )
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
एपिस्टीन सेक्स कांड: प्रभावित पीड़ितों को बैंक देगा 686 करोड़ रुपये का मुआवजा
ट्रंप नरम हुए, होर्मुज जलमार्ग खोले बिना ही युद्ध समाप्ति के दिए संकेत
भारत की काले जादू की राजधानी...........जहां चुनाव के दौरान नेता लगाते हैं हाजरी
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प
पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष
उद्योग मंत्री देवांगन ने तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
मिडिल-ईस्ट की जंग और भारत: आसमानी सरहद पर साइलेंट खतरे की आशंका