ऑस्कर-नामिनेटेड फिल्म से शुरू हुआ सफर, अब जोहरान ममदानी का जुड़ाव बॉलीवुड से
मुंबई: जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क शहर के नए मेयर बने हैं। ऐसा करने वाले वह सबसे कम उम्र के शख्स हैं। साथ ही पहले मुस्लिम हैं, जो न्यूयॉर्क के मेयर बने हैं। वह इंडियन अमेरिकन फिल्ममेकर मीरा नायर के बेटे हैं। मीरा अपने बेटे की उपलब्धि से काफी खुश हैं। जानिए, जोहरान ममदानी और मीरा नायर के बारे में।
कहां हुआ जोहरान ममदानी का जन्म
मीरा नायर ने साल 1977 में फोटोग्राफर मिच एपस्टिन से शादी लेकिन 1991 से पहले इनका तलाक हो गया। आगे चलकर मीरा की मुलाकात पाॅलिटिकल साइंटिस्ट महमूद ममदानी से हुई। फिल्ममेकर अपनी एक फिल्म ‘मिसिसिपी मसाला’ की रिसर्च के लिए युगांडा गई थीं, यहीं पर उनकी मुलाकात महमूद ममदानी से हुई। दोनों ने साल 1991 में शादी की। मीरा और महमूद ममदानी को एक बेटा हुआ, जिनका नाम जोहरान ममदानी है। जोहरान का जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ। अब वह न्यूयाॅर्क के नए मेयर बनने के कारण चर्चा में हैं।
मीरा नायर की फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ आस्कर में हुई नॉमिनेट
न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी की मां मीरा नायर के फिल्ममेकिंग करियर की बात करें तो उन्होंने कई चर्चित फिल्में बनाईं। फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ में मीरा ने इरफान खान को पहला मौका दिया, यह उनकी डेब्यू फिल्म बनीं। इसमें इरफान ने एक लेटर लिखने वाले शख्स का रोल किया था। साल 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ आस्कर अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट हुई। यह फिल्म बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगिरी में चुनी गई थी। इसके अलावा बाफ्ता, गोल्डन गोल्ब और फिल्मफेयर जैसे अवॉर्ड में भी फिल्म ने नॉमिनेशन हुए।
मीरा नायर ने कई चर्चित फिल्में बनाईं
मीरा नायर ने ‘सलाम बॉम्बे’ के अलावा मानसून वेडिंग, वेनिटी फेयर, द नेमसेक, द पेरेस फैमिली, एमिलिया और क्वीन ऑफ कैट्वे जैसी फिल्में बनाईं। ‘द नेमसेक’ में तब्बू और इरफान ने लीड रोल निभाया था।

महिला अस्पताल में 100 सिजेरियन का लक्ष्य, निजी विशेषज्ञ भी किए अनुबंधित
दिल्ली में एयर इंडिया के पायलट की होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, कमरे में मिला शव
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वैध भूमि स्वामी को मिला भौतिक कब्जा
टीबी खत्म करने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में तेज कार्रवाई का संकल्प, डब्ल्यूएचओ ने बनाई नई रणनीति
दाऊजी मेले की तैयारियों को लेकर डीएम ने दिए दिशा-निर्देश
रत हो या अमेरिका, अच्छी टेक नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री काफी नहीं
13 साल पुराने डकैती कांड में सात दोषियों को 10-10 साल की सजा
नेशनल लोक अदालत में लगभग 577584 मामले निराकृत