बेटे ने मां की हत्या की, घरेलू विवाद ने लिया खौफनाक रूप
वाराणसी| जिले में भुल्लनपुर पंचायत भवन के पास हरिजन बस्ती में शीला देवी की सिर कूंच कर हत्या मामले के आरोपी बेटे घनश्याम को मंगलवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। दूसरी तरफ, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने ईंट से माथे पर इतनी तेज मारा था कि उसकी मां की बायीं आंख निकल गई थी। नाक टूट गई। दिमाग तक में चोट लगी थी।
पुलिस के मताबिक, शीला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। घनश्याम जब ईंट से वार कर रहा था तब शीला की छोटी बहू ने छत से देखा था। वह कांप रही थी। आरोपी घनश्याम ने सोमवार को मां शीला देवी की ईंट से सिर कूंच कर हत्या कर दी थी। सरिया से भी वार किया था। मंगलवार की दोपहर बाद परिजनों ने शीला देवी का अंतिम संस्कार किया।
परिजनों के मुताबिक शीला की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए उसके शव को फुलवरिया के पास वरुणा नदी के किनारे दफना दिया। आर्थिक तंगी के चलते ही लकड़ी के इंतजाम नहीं किए जा सके। घाट पर भी रुपये देने पड़ते हैं। हालांकि ग्राम प्रधान रामा देवी ने पुलिस को बताया कि परिजनों ने स्वेच्छा से शव को दफनाया है। मंडुवाडीह के थाना प्रभारी अजय राज वर्मा ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
बड़े भाई के कंधे पर दांत से काट चुका था
मड़ौली चौकी इंचार्ज देवेंद्र दुबे की पूछताछ में परिजनों ने बताया कि घनश्याम परिवार में आए दिन विवाद करता था। कुछ माह पहले बड़े भाई रामबाबू के कंधे पर घनश्याम ने दांत से काट लिया था। रामबाबू को अस्पताल में उपचार कराना पड़ा था। भतीजे, भतीजी को भी धमकाता और पिटता था। परिजन अजीज आ चुके थे। हत्या के बाद भुल्लनपुर पंचायत भवन के आसपास लोगों की काफी भीड़ रही। घर की महिलाएं गमगीन रहीं।
400 रुपये और मांग रहा था आरोपी
मंडुवाडीह पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि सोमवार को एक संस्था की ओर से शीला को उपहार में साड़ी और 100 रुपये दिए गए थे। घनश्याम को लगा कि मां को 500 रुपये मिले हैं। नशे के लिए रुपये की मांग पर घनश्याम अड़ा तो शीला ने उसे 100 रुपये थमा दिए थे। 400 रुपये की और मांग करते हुए घनश्याम ने पहले मां का गला दबाया फिर पास में पड़ी ईंट और सरिया से माथे, सिर पर कई वार किए।
मिशनरी के संपर्क में थी शीला
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि शीला देवी पिछले कुछ महीने से मिशनरी से जुड़े लोगों के संपर्क में थी। उसका आना-जाना लगा रहता था।

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