बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले पीड़िया और हिरमगुंडा के घने जंगलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 199वीं तथा 85वीं वाहिनी और विशिष्ट 202 कोबरा बटालियन द्वारा चलाए गए एक संयुक्त और व्यापक अभियान के दौरान नक्सलियों के कुल छह अवैध डंप बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बलों की इस बड़ी कार्रवाई से माओवादियों के मंसूबों को करारा झटका लगा है।

नक्सलियों के 6 खतरनाक डंप किए गए ध्वस्त

विश्वसनीय आससूचना (इंटेलिजेंस इनपुट) के आधार पर गत 22 जुलाई को यह विशेष संयुक्त अभियान लॉन्च किया गया था।

  • अभियान के तहत जवानों ने बेहद सूझबूझ और सतर्कता के साथ पूरे जंगली इलाके की कड़ी घेराबंदी की और चरणबद्ध तरीके से सघन सर्च ऑपरेशन संचालित किया।

  • तलाशी के दौरान जंगल के अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए कुल छह माओवादी डंप सुरक्षा बलों के हाथ लगे।

  • वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोटक सामग्री भविष्य में सुरक्षाबलों की आवाजाही वाले प्रमुख मार्गों और रास्तों पर आईईडी (IED) ब्लास्ट करने तथा बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के नापाक उद्देश्य से सुरक्षित रूप से छुपाई गई थी।

माओवादियों के हथियारों के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करना मुख्य लक्ष्य

हिरमगुंडा और पीड़िया का यह पूरा दुर्गम इलाका कभी वामपंथी उग्रवादियों (माओवादियों) का सबसे सुरक्षित और मजबूत आधार क्षेत्र माना जाता था। हालांकि, सुरक्षा बलों के लगातार आक्रामक अभियानों, क्षेत्र में लगातार खुल रहे नए सुरक्षा शिविरों और प्रशासन की बढ़ती पहुंच के चलते अब इस पूरे क्षेत्र से माओवादियों का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है।

वर्तमान में सुरक्षा बलों का मुख्य फोकस जंगलों के भीतर अभी भी छिपे हुए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों के पूरे नेटवर्क को जड़ से पूरी तरह ध्वस्त करने पर केंद्रित है। राहत की बात यह रही कि इस बड़े और जोखिम भरे अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है और पूरा ऑपरेशन पूरी तरह से सुरक्षित संपन्न हुआ।