माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान से बंद किया अपना कामकाज
वाशिंगटन। टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने 25 साल तक पाकिस्तान में काम करने के बाद वहां अपना ऑपरेशन बंद कर दिया है। कंपनी अब अपने ग्लोबल प्लान के तहत क्लाउड-बेस्ड और पार्टनरशिप वाले मॉडल पर फोकस कर रही है। 2000 में माइक्रोसॉफ्ट ने पाकिस्तान में अपना ऑफिस शुरू किया था, लेकिन अब वो वहां से सीधे काम नहीं करेगी। इसके बजाय, कंपनी अपने रीजनल ऑफिस और लोकल पार्टनर्स के जरिए कस्टमर्स को सर्विस देगी।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अरिफ अल्वी ने इस खबर को देश के लिए खराब संकेत बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ये कदम दिखाता है कि पाकिस्तान में अनिश्चितता बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है और टैलेंटेड लोग देश छोड़ रहे हैं। अल्वी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट पहले पाकिस्तान में बड़ा ऑफिस खोलने की सोच रही थी, लेकिन वहां की अस्थिरता के चलते उसने वियतनाम को चुन लिया। पाकिस्तान के आईटी और टेलीकॉम मंत्रालय ने सफाई दी कि माइक्रोसॉफ्ट पूरी तरह से देश छोड़ नहीं रही। कंपनी अब अपने रीजनल ऑफिस और पार्टनर्स के जरिए काम करती रहेगी।

ईरान-अमेरिका में बड़ी बातचीत: इन शर्तों पर 45 दिन का सीजफायर संभव
राम अवतार जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सुनाई उम्रकैद
गैस संकट में डीलरों का खेल: उपभोक्ताओं से ठगी कर कमाए 28 लाख रुपए, हुआ बड़ा खुलासा
बर्फ में लिपटा केदारनाथ धाम, यात्रा पर संकट गहराया; मौसम विभाग का आज भी अलर्ट जारी
ग्वालियर जू में खुशखबरी: बाघनी ‘मीरा’ ने 2 रॉयल बंगाल और 1 सफेद शावक को जन्म दिया
‘पहले प्यार को दूसरा मौका नहीं मिलता’, लक्ष्य-अनन्या की ‘चांद मेरा दिल’ की पहली झलक रिलीज
कूचबिहार में पीएम मोदी का बड़ा बयान: ‘TMC का डर या BJP का भरोसा’, बंगाल में दो ही विकल्प
83 की उम्र में भी एक्टिव Amitabh Bachchan, आने वाली फिल्मों से करेंगे धमाल
ट्रंप की बड़ी चेतावनी: मंगलवार रात 8 बजे तक ईरान पर हमले का ऐलान, होर्मुज पर बढ़ा तनाव