गृह मंत्री के तौर पर सबसे लंबी पारी, अमित शाह का नया मुकाम
देश के मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह ने एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इस रिकॉर्ड के साथ ही वे सबसे ज्यादा समय तक गृह मंत्री के पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं. 30 मई 2019 से लेकर अब तक अमित शाह देश के गृहमंत्री हैं. उन्होंने 6 साल और 65 दिनों का कार्यकाल पूरा कर लिया है. इसके साथ ही शाह ने बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
अमित शाह ने साल 2019 में 30 मई को गृह मंत्री पद संभाला था. वे तभी से इस पद पर बने हुए हैं. NDA के तीसरे कार्यकाल में भी उन्हें ये पद दिया गया. कार्यभार संभालने के बाद से 2,258 दिनों तक पद पर रहने के साथ शाह ने अब वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
अमित शाह ने ये रिकॉर्ड भी ऐसे दिन बनाया है. ठीक आज ही के दिन 6 साल पहले जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया था. NDA की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शाह की इस उपलब्धि का जिक्र किया और अमित शाह की जमकर तारीफ की.
शाह से पहले इन नेताओं के नाम था ये रिकॉर्ड
अमित शाह के इस रिकॉर्ड से पहले कांग्रेस के गोविंद वल्लभ पंत और बीजेपी के लाल कृष्ण आडवाणी इस पद पर सबसे ज्यादा समय तक रहे हैं. आडवाणी ने 2256 दिनों तक देश के गृहमंत्री रहे हैं. लाल कृष्ण आडवाणी ने गृह मंत्री पद को साल 1998 में संभाला था और 22 मई 2004 तक इस पद पर बने रहे थे. इसके अलावा गोविंद वल्लभ पंत की बात करें तो उन्होंने इस पद पर 6 साल और 56 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है. वे 10 जनवरी 1955 को देश के गृह मंत्री बने थे और 7 मार्च 1961 तक इस पद बने रहे थे.
कैसा है शाह का राजनीतिक सफर?
देश की राजनीति में आज के समय में अमित शाह का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है. उन्हें भारतीय जनता पार्टी का चाणक्य भी कहा जाता है. यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें साल 2019 में गृह मंत्री का पद दिया था. इससे पहले शाह गुजरात के गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. शाह ने पार्टी अध्यक्ष रहते हुए भारतीय जनता पार्टी को देश में एक अलग पहचान दिलाई है.
गृहमंत्री रहते हुए शाह का अब तक का सबसे बड़ा फैसला जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का है. उन्होंने आज से ठीक 6 साल पहले जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पेश किया था. इस विधेयक के बाद ही जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया था और दो केंद्र शासित प्रदेशों को बनाया गया था.

सीजफायर कुछ घंटे भी नहीं टिका: UAE-कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला, ईरान में बड़ा धमाका
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारत का बयान: समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान
David Warner ने ड्राइविंग से पहले शराब पीने की बात कबूली
Rani Durgavati Vishwavidyalaya में डॉ. सुरेंद्र सिंह बने छात्र कल्याण अधिष्ठाता
ईरान तनाव के बीच भारत-बांग्लादेश कूटनीति तेज, डोभाल-खलीलुर रहमान की डिनर मीट पर सबकी निगाह
शहर में दो दिन तक मिलेगा जैविक सब्जियों का स्वाद
नामांकन के बाद ममता बनर्जी की हुंकार: बंगाल में SIR पर कानूनी लड़ाई जारी, 91 लाख नाम कटना चिंताजनक