मां की आखिरी इच्छा पूरी नहीं कर सका: अरशद वारसी
मुंबई । हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी अपनी निजी ज़िंदगी का एक ऐसा दर्द साझा किया जिसने सबको भावुक कर दिया। अभिनेता को अपनी बीमार मां की अंतिम इच्छा पूरी नहीं करने का आज भी अफसोस है। एक इंटरव्यू में अरशद वारसी ने यह भावूक करने देने वाला वाक्या बताया कि उन्होंने महज 14 साल की उम्र में अपने दोनों माता-पिता को खो दिया था। उन्होंने कहा कि वह बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते थे, इसलिए अपने परिवार के साथ बहुत ज़्यादा समय नहीं बिता पाए। उन्होंने अपनी मां के आखिरी दिनों की यादें साझा करते हुए कहा कि वह आज भी उस पल को भूल नहीं पाए हैं।
अभिनेता ने बताया कि उनकी मां की किडनी खराब हो गई थी और वे डायलिसिस पर थीं। डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी थी कि उन्हें पानी नहीं देना चाहिए। लेकिन निधन से एक रात पहले उनकी मां ने बार-बार पानी मांगा था। अरशद ने कहा, “मैंने डॉक्टरों की बात मानते हुए उन्हें पानी नहीं दिया। उसी रात उनका निधन हो गया। आज भी मुझे यह सोचकर अपराधबोध होता है कि शायद अगर मैंने उन्हें पानी दे दिया होता, तो वे सुकून से चली जातीं।”
उन्होंने आगे कहा कि उस वक्त वे केवल एक बच्चे थे, लेकिन आज अगर ऐसी स्थिति होती तो वे अलग निर्णय लेते। उनके मुताबिक, “हम अक्सर बीमार व्यक्ति की भावनाओं से ज़्यादा अपने अपराधबोध के आधार पर फैसले लेते हैं। उस दिन मैंने डॉक्टर की बात तो मानी, लेकिन शायद अपनी मां की आखिरी इच्छा पूरी नहीं कर सका।” अरशद वारसी का यह बयान सुनकर उनके प्रशंसक भावुक हो उठे। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लिखा कि मां और बेटे के रिश्ते की यह कहानी इंसानियत और संवेदना की गहराई को बयां करती है।
अरशद ने अपने जीवन के इस दर्दनाक अनुभव को साझा कर यह दिखाया कि सफलता और प्रसिद्धि के पीछे भी एक संवेदनशील इंसान छिपा होता है, जो आज भी अपनी मां की आखिरी याद में डूबा हुआ है। मालूम हो कि अरशद वारसी अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’, ‘जॉली एलएलबी’, ‘सलाम नमस्ते’ और ‘टोटल धमाल’ जैसी फिल्मों में उन्होंने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है। हाल ही में वह आर्यन खान निर्देशित वेब सीरीज़ द बैड्स ऑफ़ बॉलीवुड में गैंगस्टर ‘गफूर’ की भूमिका के लिए खूब सराहे गए थे।

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