6 साल का साथ… लेकिन शादी के दिन ही रिश्ता खत्म, कैसे शुरू हुआ था पलाश–स्मृति का सफर?
बॉलीवुड संगीतकार पलाश मुच्छल और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बैटर स्मृति मंधाना का रिश्ता आखिरकार टूट गया है. जिस दिन दोनों की शादी स्थगित हुई थी, उसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि कुछ न कुछ तो गड़बड़ी जरूर है और आखिरकार आधिकारिक तौर पर दोनों ने अपने रिश्ते से पीछे हटने का ऐलान कर दिया. रविवार, 7 दिसंबर को पहले स्मृति ने फिर पलाश ने भी सोशल मीडिया पोस्ट करके अपने रिश्ते पर विराम लगा दिया |
पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना का रिश्ता करीब 6 साल का था. हालांकि ये ऐसे दिन पर आकर खत्म हुआ जो दिन उनकी जिंदगी का सबसे खास और सबसे यादगार दिन बन सकता था. पलाश और स्मृति दोनों ने ही सोशल मीडिया पर बताया कि वो इस रिश्ते से पीछे हटकर जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं. दोनों के शब्दों ने उनके फैंस को बड़ा दुख पहुंचाया है जो दोनों एक-दूसरे के साथ देखना चाहते थे. फैंस की उम्मीदें इसी के साथ हमेशा-हेशा के लिए टूट गई हैं |
कब हुई थी पलाश-स्मृति की पहली मुलाकात?
स्मृति और पलाश ने अपने 6 साल के रिश्ते को पल भर में खत्म करने का फैसला लिया था. दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने और पूरी लाइफ बिताने का फैसला किया था, लेकिन फिर अचानक अपनी राहें हमेशा-हमेशा के लिए अलग कर लीं. बताया जाता है कि दोनों के रिश्ते की शुरुआत साल 2019 में हुई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पहली बार मुंबई में एक प्राइवेट सेरेमनी में एक-दूसरे से मिले थे.
शादी वाले दिन खत्म हुआ रिश्ता
पलाश और स्मृति अपने रिश्ते को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहते थे. जब ये खबर आई कि दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं तो संगीत जगत से लेकर क्रिकेट जगत तक में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. दोनों की शादी की रस्मों की शुरुआत महाराष्ट्र के सांगली में 21 नवंबर से हो गई थी. 23 नवंबर को शादी होने वाली थी और इसी दिन स्मृति के पिता को हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया और शादी स्थगित कर दी गई. इस दौरान तमाम तरह की बातें होती रहीं. वहीं करीब दो हफ्ते बाद दोनों ने शादी तोड़ने का ऐलान कर दिया |

विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर