ट्रांसफार्मर क्षमता पर टकराव: 25 KVA लगाने पहुंचे कर्मियों को रोका
चंदौली: ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने को लेकर बिजली विभाग का घेराव, महिलाओं ने रुकवाया काम
चंदौली| चंदौली जिले के बिलारीडीह बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले नियामताबाद गांव की दलित बस्ती में वोल्टेज और ट्रांसफार्मर की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पांच दिनों से अंधेरे में डूबे ग्रामीणों ने उस समय बिजली विभाग के कर्मचारियों का विरोध किया, जब वे पुराने जल चुके ट्रांसफार्मर की जगह उतनी ही कम क्षमता का नया उपकरण लगाने पहुंचे।
25 केवीए के खिलाफ महिलाओं का मोर्चा
बस्ती में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर पिछले पांच दिनों से खराब पड़ा था। शुक्रवार को जब विभाग की टीम इसे बदलने पहुंची, तो ग्रामीण यह देखकर भड़क गए कि विभाग फिर से वही कम क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगा रहा है।
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मुख्य मांग: ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने काम रुकवाते हुए मांग की कि बस्ती की बढ़ती आबादी और बिजली के लोड को देखते हुए यहाँ 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
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तर्क: लोगों का कहना है कि कम क्षमता के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है, जिससे उन्हें हफ़्तों बिना बिजली के रहना पड़ता है।
मौके पर पहुंची पुलिस
विभागीय कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच बढ़ती बहस को देखते हुए डायल 112 की टीम को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की।
विभाग का आश्वासन और वर्तमान स्थिति
हंगामे की जानकारी मिलने पर अवर अभियंता मुहम्मद शाहिद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि:
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क्षमता वृद्धि (Upgradation) के लिए 63 केवीए का प्रस्ताव चार महीने पहले ही भेजा जा चुका है।
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उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इसे स्थापित कर दिया जाएगा।

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