MCD का बड़ा फैसला: बड़े खाली प्लॉट पर नहीं होगा निर्माण, नई नीति जल्द
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के फैसले के बाद इन इलाकों में खाली पड़े बड़े भूखंडों को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश सामने आए हैं। तय किया गया है कि इन खाली भूखंडों पर फिलहाल किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही एमसीडी इन भूखंडों के उपयोग को लेकर अलग योजना तैयार करेगी।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को कॉलोनियों के नियमितीकरण की घोषणा के दौरान स्पष्ट किया था कि खाली जमीनों का उपयोग नियंत्रित तरीके से किया जाएगा ताकि अव्यवस्थित निर्माण को रोका जा सके। इसी दिशा में अब एमसीडी ने भी इन भूखंडों को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इन खाली प्लॉट्स को अवैध निर्माण से बचाने के लिए निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। इसके बजाय, एमसीडी इन जमीनों को स्थानीय निवासियों के हित में उपयोग करने की सिफारिश करेगी। इसमें पार्क, खेल मैदान, पार्किंग स्थल, सामुदायिक केंद्र, स्कूल एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास शामिल है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इन कॉलोनियों में पहले से ही बुनियादी सुविधाओं की कमी है। ऐसे में खाली भूखंडों का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को फायदा मिल सके। उन्होंने बताया कि इन प्लॉट्स को अधिग्रहित करने या सार्वजनिक उपयोग के लिए चिन्हित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय अनियंत्रित शहरीकरण को रोकने में मददगार साबित करेगा। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि जिनके पास खाली भूखंड हैं, उन्हें इस फैसले से आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता सामूहिक हित को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाना है।
विस्तृत रिपोर्ट तैयारी करेगी एमसीडी
एमसीडी अब इन भूखंडों की पहचान, मैपिंग और उपयोग को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद संबंधित विभागों और दिल्ली सरकार के साथ समन्वय कर अंतिम योजना बनाई जाएगी। इस तरह 1511 कॉलोनियों के नियमितीकरण के साथ-साथ खाली भूखंडों को लेकर लिया गया यह फैसला राजधानी के शहरी विकास को अधिक संतुलित और योजनाबद्ध बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे न केवल अवैध निर्माण पर रोक लगेगी, बल्कि लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

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