ट्रंप बोले- होर्मुज पर निर्भर देशों को अमेरिकी मदद से इस मार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए
तेहरान: ईरान ने शनिवार को लोगों से आग्रह किया कि वे मिडिल ईस्ट के सबसे व्यस्त बंदरगाह और संयुक्त अरब अमीरात के दो अन्य बंदरगाहों को खाली कर दें. यह पहली बार था जब उसने खुले तौर पर किसी पड़ोसी देश की गैर-अमेरिकी संपत्तियों को धमकी दी, जबकि अमेरिका और इजराइल के साथ उसका युद्ध तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. तेहरान ने कहा कि अमेरिका ने बिना कोई सबूत दिए यूएई में मौजूद बंदरगाहों और ठिकानों का इस्तेमाल करके खार्ग द्वीप पर हमले किए. खार्ग द्वीप पर ही ईरान के तेल निर्यात को संभालने वाला मुख्य टर्मिनल स्थित है. उसने लोगों से उन इलाकों को छोड़ने का आग्रह किया, जहाँ उसके अनुसार अमेरिकी सेनाएँ पनाह लिए हुए है. इस युद्ध के दौरान ईरान ने अरब खाड़ी क्षेत्र के अपने पड़ोसी देशों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे. हालांकि, उसका कहना है कि वह केवल अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बना रहा है, जबकि हवाई अड्डों और तेल क्षेत्रों जैसी नागरिक संपत्तियों पर भी हमले होने या हमले के प्रयास किए जाने की खबरें सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि देश ने खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है और अगर तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने में दखल देना जारी रखता है, तो तेल का बुनियादी ढांचा अगला निशाना हो सकता है. तेल की कीमतों और आपूर्ति को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंता के बीच ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे. जवाब में ब्रिटेन ने कहा कि वह जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोगियों के साथ कई विकल्पों पर चर्चा कर रहा है. इजराइल ने कहा कि उसकी वायु सेना ने पिछले 24 घंटों में 200 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए जिनमें मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियां और हथियार बनाने वाले ठिकाने शामिल हैं. इस बीच, लेबनान में मानवीय संकट और गहरा गया. इजराइल द्वारा ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह लड़ाकों के खिलाफ लगातार हमले किए जाने से 800 से ज़्यादा लोग मारे गए और 850,000 लोग बेघर हो गए. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के 2500 और मरीन तथा एम्फीबियस असॉल्ट शिप यूएसएस ट्रिपोली को मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है. यह इस क्षेत्र में दशकों में युद्धपोतों और विमानों की सेना की सबसे बड़ी तैनाती है.
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला: एविएशन अथॉरिटी
देश की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि शनिवार को कई ड्रोन्स ने कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया और उसके रडार सिस्टम को निशाना बनाया, लेकिन इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई. अथॉरिटी ने कहा, 'कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई ड्रोन्स द्वारा निशाना बनाया गया, जिन्होंने उसके रडार सिस्टम पर हमला किया.' उन्होंने आगे कहा, 'गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है.'

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