छत्तीसगढ़ की राजनीति में फिर गूंजा सिंहदेव का इस्तीफा... अरुण साव ने भूपेश बघेल को दी ऐसी नसीहत, मच गया सियासी बवाल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित ‘अरपा विस्तार सम्मान’ कार्यक्रम में प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने बिलासपुर के विकास कार्यों, प्रदेश की राजनीति और हालिया राजनीतिक घटनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में अरुण साव बयान खासा चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को विवादित बयानों को लेकर संयम बरतने की नसीहत दी।
विवादित बयान पर भूपेश बघेल को नसीहत
विस्तार न्यूज के एडिटर-इन-चीफ ज्ञानेंद्र तिवारी से बातचीत में अरुण साव ने जातिगत टिप्पणी के मुद्दे पर कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शालीनता पसंद राज्य है और यहां के नेताओं को अपने शब्दों की सीमा समझनी चाहिए। अरुण साव के अनुसार, राजनीतिक आलोचना होनी चाहिए, लेकिन वह समाज में वैमनस्य फैलाने वाली नहीं होनी चाहिए।
TS सिंहदेव के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े सवाल पर डिप्टी CM अरुण साव ने TS सिंहदेव के इस्तीफे और चिट्ठी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिंहदेव को यह महसूस हुआ कि अगर वे विभाग में रहते हुए जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं, तो विभाग छोड़ना ही बेहतर विकल्प था। उन्होंने इसे तत्कालीन सरकार की आंतरिक स्थिति से जोड़ा।
नितिन नबीन की नियुक्ति पर क्या बोले अरुण साव
नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर अरुण साव ने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जहां मेहनत और क्षमता का सम्मान होता है। उन्होंने नितिन नबीन के लंबे संगठनात्मक अनुभव और विभिन्न जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नियुक्ति कार्यकर्ताओं के सम्मान का प्रतीक है।

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