पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार, मंत्रियों समेत 55 पर मामला दर्ज
काठमांडू। नेपाल में पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। 2012 में 620 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट 892 करोड़ पर पहुंच गया। जांच के बाद नेपाल की कमिशन फॉर इन्वेस्टिगेशन ऑफ एब्यूज ऑफ अथॉरिटी (सीआईएए) ने पांच पूर्व मंत्रियों, दस पूर्व सचिवों समेत कुल 55 लोगों और चीनी कंपनी चाइना सीएएमसी इंजीनियरिंग पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट 2023 में शुरू हुआ था, लेकिन ढाई साल में यहां सिर्फ 45 इंटरनेशनल फ्लाइट्स आईं और करीब 3,000 यात्री पहुंचे, जबकि इसे पश्चिमी नेपाल का अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब घोषित किया गया था। पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कभी नेपाल के “गेटवे ऑफ वर्ल्ड” के रूप में पेश किया गया। दावा किया गया था कि यह पश्चिमी नेपाल का अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब बनेगा और टूरिस्ट बढ़ेंगे। संचालन के ढाई साल बाद यहां सिर्फ 45 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दर्ज की गई हैं। हिमालयन एयरलाइंस और सिचुआन एयरलाइंस ने कुछ टेस्ट फ्लाइट्स चलाईं, लेकिन नियमित सेवा नहीं चल सकीं। पोखरा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट चीन के एग्जिम बैंक से लोन लेकर बनाई गई थी और इसे नेपाल की पर्यटन क्षमता दोगुनी करने वाला प्रोजेक्ट बताया गया था।
नेपाल की सीआईएए ने पोखरा एयरपोर्ट के निर्माण में भारी अनियमितताओं का खुलासा करते हुए 55 लोगों और चीनी कंपनी चाइना सीएएमसी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। यह नेपाल के इतिहास के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसी के मुताबिक नेपाल के कुछ अधिकारियों ने चीनी कंपनी सीएएमसी के साथ मिलकर रकम में अनैतिक फेरबदल किया। एयरपोर्ट का निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। उस समय नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली थे और चीन के साथ यह डील भी उनकी ही सरकार में औपचारिक रूप से आगे बढ़ी। एयरपोर्ट 2023 में शुरू हुआ, लेकिन बड़े दावों के बावजूद इसके अंतरराष्ट्रीय उड़ानें करीब न के बराबर रहीं।
इस मामले में रामशरण महत (पूर्व वित्त मंत्री), भीम प्रसाद आचार्य (पूर्व पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री), दीपक चन्द्र अमात्य (पूर्व पर्यटन मंत्री), रामकुमार श्रेष्ठ (पूर्व पर्यटन मंत्री) और बहादुर बोगटी (दिवंगत) (पूर्व पर्यटन मंत्री) को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा अधिकारियों में नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के निलंबित महानिर्देशक प्रदीप अधिकारी, पूर्व महानिर्देशक रत्नचन्द्र लाल सुमन और पूर्व महानिर्देशक त्रिरत्न मानन्धर शामिल हैं।

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