शिक्षा का उद्देश्य है समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना : राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। आप सभी युवाओं को डॉ. अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को याद दिलाया और बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने का आहवान किया।
राज्यपाल पटेल बुधवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के 7वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय संविधान के शिल्पकार और युग पुरुष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। राज्यपाल पटेल ने संविधान दिवस के अवसर पर उपस्थितजनों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के सामाजिक न्याय के दूत हैं। सामाजिक न्याय , समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों का आजीवन अनुसरण करें। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान में लगायें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का हमेशा सम्मान करें। माता-पिता के संघर्ष, त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखें। उनकी सेवा पुण्य का कार्य है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि है। इस पावन धरा पर स्थित विश्वविद्यालय , सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवा शक्ति को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर शोध और उनके व्यावहारिक समाधान प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की सराहना की। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध और अध्ययन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। उपाधियाँ प्राप्तकर्ताओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की 'स्मारिका' का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु रामलाल अत्राम ने दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को दीक्षांत शपथ दिलाई। समारोह के सारस्वत अतिथि डॉ. रविंद्र कन्हेरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आभार कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने माना। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय के सदस्य, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित थे।

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