मोहन यादव कैबिनेट में विस्तार की सुगबुगाहट तेज, मुख्यमंत्री करेंगे मंत्रियों से वन-टू-वन चर्चा
भोपाल: बिहार चुनाव के नतीजों के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें शुरू हो गई हैं. प्रदेश सरकार अपने सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद अब उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है. इसमें मंत्रियों के पिछले दो साल के कामकाज के आधार पर मूल्यांकन तैयार किया गया है. रिपोर्ट तैयार कर केन्द्रीय नेतृत्व को भेजी जा चुकी है. माना जा रहा है कि मोहन सरकार मंत्रिमंडल में कुछ नए और वरिष्ठ चेहरों की एंट्री हो सकती है, जबकि सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों को पार्टी संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है.
4 बिंदुओं पर की गई रिपोर्ट तैयार
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को दिसंबर माह में दो साल पूरे होने जा रहे हैं. सरकार के दो साल के कामकाज का आंकलन के साथ प्रदेश के सभी मंत्रियों का भी रिपोर्ट कोर्ड तैयार किया जा रहा है. इसमें मंत्रियों की रिपोर्ट चार बिंदुओं के आधार पर तैयार की जा रही है.
मंत्रियों ने अपने विभाग में कितने नवाचार किए, सरकार की योजनाएं धरातल पर कितनी उतरी, केन्द्र सरकार चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने में मंत्रियों ने किस तरह का प्रदर्शन किया.
मंत्री के तौर पर उनका सरकार और संगठन के बीच तालमेल किस तरह का रहा. पार्टी संगठन के कामों में मंत्री ने कितनी भूमिका निभाई.
मंत्री का अपने क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ किस तरह का समन्वय रहा. क्षेत्र की जनता के बीच मंत्री की सक्रियता कैसी रही.
प्रभार वाले जिलों में मंत्री का परफॉर्मेंस कैसा रहा. प्रभार वाले जिलों के विकास का रोडमैप तैयार कराने में मंत्री ने कितना समय दिया. जिले की कितने बैठकों में शामिल हुए.
इन बिंदुओं के आधार पर मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसके लिए सभी जिलों और संबंधित विभागों से भी रिपोर्ट बुलवाई है. रिपोर्ट केन्द्रीय आलाकमान को भी भेजी जा चुकी है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट कार्ड तैयार होने के बाद कुछ नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.
मंत्रिमंडल में अभी 4 पद खाली
प्रदेश की डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल में अभी कुल सदस्यों की संख्या 31 है. इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ला के अलावा 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्री शामिल हैं. मंत्रिमंडल में अभी 4 मंत्री और बनाए जा सकते हैं.
मंत्रियों के साथ होगी वन टू वन चर्चा
उधर बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री जल्द ही मंत्रियों के साथ वन टू वन चर्चा शुरू करने जा रहे हैं. इस दौरान मंत्रियों से उनके और उनके विभाग के परफॉर्ममेंस पर डिटेल में चर्चा की जाएगी. इस दौरान कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की लिस्टिंग की जाएगी. माना जा रहा है कि समीक्षा के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. इसके जरिए सरकार क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करेगी.

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