गलत जगह पर बाथरूम कर देगा सर्वनाश, पेट के साथ साथ धन, रिश्ते और करियर को कर देगा तबाह
आज के दौर में लोग ज्यादातर अपना घर वास्तु के अनुसार बनवा रहे हैं. वास्तु के अनुसार घर होने से ना सिर्फ पर्सनल बल्कि प्रफेशनल लाइफ में भी कई फायदे मिलते हैं. वास्तु के अनुसार, अगर किचन, पूजाघर, बाथरूम आदि सही दिशा में हों, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और इसका फायदा जीवन के हर क्षेत्र में देखने को मिलता है. वहीं घर में अगर वास्तु दोष होता है तो इसका प्रभाव करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक रिश्ते आदि हर जगह पर पड़ता है. वैसे तो घर का हर कोना महत्वपूर्ण होता लेकिन बाथरूम का गलत दिशा में होना बेहद नुकसान दायक माना जाता है. आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार किस दिशा में बाथरूम होना चाहिए…
घर की उत्तर दिशा बेहद महत्वपूर्ण
वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा को धन और सफलता का सूचक माना जाता है. यह दिशा व्यापार में वृद्धि, नए अवसर और करियर में उन्नति में सहायक होती है. इसीलिए कई वास्तु विशेषज्ञ कहते हैं कि इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और किसी भी नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त रखना चाहिए. अगर इस दिशा को हमेशा सक्रिय रखा जाए, तो परिवार में कभी किसी चीज की कमी नहीं होगी. अगर इस दिशा में कोई दोष है, तो इसका सीधा असर घर के मालिक या परिवार के सदस्यों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है
इसलिए नहीं मिलती पूरी तरह सफलता
कई लोगों को लगता है कि वे कितनी भी कोशिश कर लें, उन्हें सफलता नहीं मिल रही है, इसका कारण वास्तु दोष हो सकता है. अगर आपका बाथरूम उत्तर दिशा की तरफ है तो यह शुभ नहीं माना जाता है. इस दिशा में बाथरूम होने से सभी प्रयास फेल होने की आशंका बनी रहती है और व्यक्ति को बार-बार हार का सामना करना पड़ता है, इससे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है.
वास्तु के ये उपाय फलदायक
अगर आपके घर या ऑफिस की उत्तर दिशा में बाथरूम है, तो उसको तुंरत बदलवा लें. लेकिन बदलवा पानी अब संभव नहीं है तो वास्तु के कुछ आसान उपाय इसके नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं. वास्तु के अनुसार, बाथरूम को हमेशा साफ रखना चाहिए, ध्यान रखें कि उसमें कोई दुर्गंध न हो. बाथरूम के दरवाजे को भूरे रंग के रखें और अंदर की तरफ हल्के नीले या दूसरे हरे रंगों का ही प्रयोग करें.
इस उपाय से दोष होगा दूर
बाथरूम के दरवाजे पर वास्तु यंत्र या छोटा दर्पण लगाने से सकारात्मक ऊर्जा आएगी और वास्तु दोष कुछ हद तक कम हो सकता है. बाथरूम में रोजाना नमक के पानी से शौचालय साफ करने से नकारात्मक ऊर्जा कम होगी. साथ ही बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखना चाहिए.
इस दिशा में बाथरूम शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप घर बनवा रहे हैं या फिर केवल जानना चाह रहे हैं तो बाथरूम हमेशा उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए. इस दिशा में बाथरूम होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. इसलिए अगर संभव हो सके तो बाथरूम को इसी दिशा में बनवाएं. साथ ही ध्यान रखें कि बाथरूम को कभी भी पूजा कक्ष या किचन के पास न बनवाएं.

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