उज्जैन विश्विवद्यालय का बदला नाम, मोहन यादव ने पूरा किया वादा
भोपाल: मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल को महानगर के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025 को विधानसभा में पेश कर दिया है. इस विधेयक पर मंगलवार को विधानसभा में चर्चा होगी. इसके अलावा विधानसभा में मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 को चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पास कर दिया गया. इसके बाद अब उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय का नाम बदलकर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय हो गया.
एमपी के विश्वविद्यालय में पढ़ाई जाएगी दूसरे प्रदेशों की भाषा
मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि "मध्य प्रदेश देश का हृदय स्थल है. प्रदेश में देश भर के लोग रहते हैं. इसलिए तय किया गया है कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग भाषाओं को भी पढ़ाया जाएगा. ताकि एमपी पूरे देश को जोड़ने का काम करे. प्रदेश के एक विश्वविद्यालय में देश के किसी एक राज्य की भाषा को पढ़ाया जाएगा. किसी विश्वविद्यालय में कन्नड़ पढ़ाई जाएगी, तो किसी में तमिल और तेलुगु."
'खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी'
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि "प्रदेश के विश्वविद्यालयों में खाली पड़े पदों को भरने का काम किया जा रहा है. इसके लिए एमपी पीएससी के माध्यम से प्रक्रिया चल रही है. 2022 में हुई भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ साक्षात्कार होना बाकी है. इसमें 1669 सहायक प्राध्यापक, 255 लाइब्रेरियन के पद के लिए इंटरव्यू होना है.
2024 में एमपी पीएससी की भी लिखित परीक्षा हो चुकी है और साक्षात्कार होना बाकी है. इसमें 1930 सहायक प्राध्यापक के लिए इंटरव्यू होना है. यह काम इसी तरह पूरा कर लिया जाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य तभी पूरा हो सकेगा, जब खाली पड़े पदों को भर लिया जा सके."
मेट्रोपॉलिटन एक्ट पर मंगलवार को होगी चर्चा
सोमवार को राज्य सरकार ने विधानसभा में मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025, मध्य प्रदेश कारखाना (संशोधन) विधेयक 2025, मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक 2025, मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक 2025 को भी सदन में पेश किया. इन सभी विधेयकों पर मंगलवार को चर्चा होगी. सरकार की योजना है कि राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर को महानगर के रूप में विकसित किया जाए.
सीएम मोहन यादव ने किया था ऐलान
विक्रम विश्वविद्यालय का नाम बदलने को लेकर बता दें कि उज्जैन में विक्रम यूनिवर्सिटी के 29वें दीक्षांत समारोह के दौरान सीएम मोहन यादव ने यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि इस विश्वविद्यालय का नाम सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर ही रखा जाएगा, जिससे इसे नई पहचान मिलेगी.
क्योंकि यह मध्य प्रदेश की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी मानी जाती है, जिसका इतिहास पुराना और बेहद महान रहा है. इसलिए यह विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन की भी बड़ी पहचान है, क्योंकि उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी रही है और इसकी पहचान व्यापक और बड़ी मानी जाती है, जो प्रदेश का बड़ा शिक्षा केंद्र रहा है.

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