प्रथम त्रैमास की बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करें : राज्य मंत्री जायसवाल
भोपाल : कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को प्रथम त्रैमास में मिली बजट राशि का उपयोग समय-सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस मद में राशि खर्च की जाना है, उसी में नियमानुसार खर्च करें। किसी भी हालत में बजट राशि लैप्स न हो। प्रथम त्रैमास की राशि 30 जून तक खर्च कर ली जाए। राज्यमंत्री जायसवाल मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे।
राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि कौशल तकनीकी विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा की विभागीय योजनाओं का भौतिक लक्ष्य भी समय -सीमा में पूरा करें। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली, साथ ही विभागीय उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि शासन के निर्देशों पर तत्परता से कार्यवाही हो। हाथकरघा के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को चिंहित कर रोजगार से जोड़ें। उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करें। केंद्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि विभागीय योजनाओं का 30 सितंबर के पहले नवीनीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं और बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी और प्रस्तुत करें, शीघ्र ही पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में प्रबंध संचालक खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड माल सिंह, कमिश्नर एवं प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम मदन नागरगोजे, कमिश्नर रेशम संचालनालय मोहित बुंदस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय
राहुल गांधी केस में सावरकर मुद्दा फिर गरमाया, गवाही में बड़े खुलासे
युद्ध या समझौता: मझधार में फंसे डोनाल्ड ट्रंप
भारत-इक्वाडोर संबंधों में नई मजबूती, दवा से डिजिटल तक समझौते
आज का बड़ा मुकाबला: PBKS vs GT, हेड टू हेड आंकड़े क्या कहते हैं
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: 23 शिक्षकों पर कार्रवाई, जवाब तलब
ट्रंप और चांसलर मर्ज के विवाद के बाद लिया गया जर्मनी से सैनिक हटाने का फैसला